ट्रम्प ने ईरान के सबसे शक्तिशाली ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करने की धमकी क्यों दी

सारांश
- ट्रम्प ने धमकी दी — होर्मुज बंद रहा तो ईरान के बिजली संयंत्र नष्ट होंगे
- ईरान ने लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं, अमेरिका-ब्रिटेन के अड्डे को निशाना बनाया
- ईरानी मिसाइलों से इजरायली शहरों में हमला, दर्जनों घायल
- इजरायली सेना की चेतावनी — मिसाइलें यूरोपीय राजधानियों तक पहुंच सकती हैं
परिचय
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के बीच तनाव एक नए चरम पर पहुंच गया। ट्रम्प ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खोला गया तो वे ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देंगे।
ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ अपनी सबसे कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे के पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा प्रतिदिन इसी संकरे जलमार्ग से गुजरता है। ईरान द्वारा इसे बंद करने से यूरोपीय गैस की कीमतें एक ही सप्ताह में 35% तक बढ़ गई हैं।
ईरान का जवाब
ईरान के खातम अल-अंबिया सैन्य मुख्यालय ने तुरंत जवाब दिया। अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला करता है, तो ईरान क्षेत्र में सभी अमेरिकी ऊर्जा, IT और जल शोधन संरचनाओं को निशाना बनाएगा।
पहली बार लंबी दूरी की मिसाइलें
इजरायली सैन्य प्रमुख एयल जामिर ने पुष्टि की कि ईरान ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया के अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर 4,000 किमी रेंज की दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह पहली बार था जब ईरान ने लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
आगे क्या होगा
ट्रम्प की 48 घंटे की समयसीमा के साथ, पूरी दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं। किसी भी आगे की वृद्धि के अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजारों और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अधिक अपडेट के लिए WorldWire पर बने रहें।
स्रोत: Reuters
